चंडी देवी ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा: प्रेम प्रसंग में रची गई थी हत्या की साजिश, 700 किलोमीटर दूर से तीन आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार। चंडी देवी पैदल मार्ग पर मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने आखिरकार सुलझा लिया है। लगभग 25 दिनों की लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण और हजारों सुरागों की जांच के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया। मृतका की पहचान कौशल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।

रविवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 10 मई 2026 को श्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंडी देवी मंदिर रोपवे के पास प्रतिबंधित पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिला था। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना लगभग असंभव था। घटनास्थल से पुलिस को दो कुंडल, टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद गमछा तथा गले में कसकर बंधा ब्लाउज बरामद हुआ था, जिससे हत्या की आशंका स्पष्ट हो गई थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया और मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की। जांच की निगरानी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई, जबकि टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई। पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं—पहली मृतका की पहचान और दूसरी हत्यारोपियों तक पहुंचना।

जांच के दौरान पुलिस को मृतका के हाथों पर बने टैटू महत्वपूर्ण सुराग के रूप में मिले।

दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “KAUSHILYA” और फूलदान का निशान, जबकि बाएं हाथ पर “K.R.” तथा ॐ का चिन्ह गुदा हुआ था। पुलिस ने डीसीआरबी, एससीआरबी और एनसीआरबी के माध्यम से पहचान के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद टीम ने देशभर में दर्ज कौशल्या नाम की गुमशुदा महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाला। 2019 से अब तक की 164 गुमशुदगियों और 3540 से अधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया।
इस दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के 600 घंटे से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 144 घंटे के डंप डेटा से मिले करीब 1 लाख 64 हजार मोबाइल नंबरों का परीक्षण किया गया। इसी दौरान 8 मई की रात तीन पुरुषों और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते हुए देखा गया, जबकि लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी। यही सुराग जांच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की जांच उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची। वहां से राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा और छेदीलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
पुलिस के अनुसार मृतका कौशल्या और आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा के बीच प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन कौशल्या उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत कौशल्या को चंडी देवी दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार लाया गया और सुनसान स्थान पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया ताकि पहचान न हो सके और मामला हमेशा के लिए दब जाए।
हालांकि हत्यारोपियों की यह योजना हरिद्वार पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच के सामने टिक नहीं सकी। करीब 700 किलोमीटर दूर तक पहुंचकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस टीम की मेहनत लाई रंग
इस जटिल और चुनौतीपूर्ण हत्याकांड के खुलासे में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व की अहम भूमिका रही। उन्होंने शुरुआत से लेकर खुलासे तक मामले की लगातार मॉनिटरिंग की। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एसपी क्राइम निशा यादव, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने जांच को दिशा देने का काम किया।
वहीं प्रभारी निरीक्षक सीआईयू नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज रावत और चंडीघाट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संतोष सेमवाल सहित सीआईयू और श्यामपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दिन-रात एक कर तकनीकी और फील्ड जांच को अंजाम दिया। लाखों मोबाइल नंबरों का विश्लेषण, सैकड़ों घंटे की फुटेज की जांच और हजारों रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस को यह सफलता मिली।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्यप्रणाली को देखते हुए आईजी गढ़वाल रेंज द्वारा 5 हजार रुपये और एसएसपी हरिद्वार द्वारा 2500 रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
राकेश पुत्र राजा, निवासी ग्योडीबाबा, बांदा (उ.प्र.)
रामप्रकाश उर्फ गोविंदा पुत्र राजा, निवासी ग्योडीबाबा, बांदा (उ.प्र.)
छेदीलाल पुत्र ईशूरी प्रसाद, निवासी काहला गंछा, बांदा (उ.प्र.)



