पथरी के दोहरे हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, गद्दी की लड़ाई में बहा दो साधुओं का खून

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर तेज़, पेशेवर और परिणाममुखी पुलिसिंग का परिचय देते हुए थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित मंदिर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ दबिश देकर वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मंदिर की गद्दी को लेकर चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोपियों ने गद्दी के उत्तराधिकारी बनाए जाने से नाराज होकर दो साधुओं की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शवों को मंदिर परिसर के पास गड्ढे में दबा दिया।
21 जुलाई 2026 को पंकज निवासी ऐथल, पथरी ने थाना पथरी पहुंचकर दो साधुओं की हत्या की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ी।
एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में सक्रिय किए गए मुखबिर तंत्र से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने काठा पीर के जंगल में दबिश देकर अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुला दोहरे हत्याकांड का राज
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक पारसगिरी द्वारा सेवागिरी को मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी बनाए जाने से वे नाराज थे। इसी रंजिश में चारों आरोपियों ने पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद किए और फिर योजनाबद्ध तरीके से सेवागिरी की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद पारसगिरी पर भी जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपियों ने मंदिर परिसर के पास गड्ढा खोदकर दोनों शवों को दफना दिया। खून के निशान मिटाने के लिए हॉल की सफाई की गई और खून से सना गद्दा बाहर ले जाकर जला दिया। इतना ही नहीं, गवाह उत्तम झा को भी धमकाकर मोबाइल और सिम तोड़कर फरार होने की सलाह दी गई।
हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो फावड़े और एक पाठल (पत्थर का धारदार स्लैब) भी बरामद कर लिया है।
SSP नवनीत सिंह की पुलिसिंग की फिर हुई सराहना
लगातार गंभीर और जघन्य अपराधों का तेज़ी से खुलासा कर रही हरिद्वार पुलिस ने इस कार्रवाई से एक बार फिर साबित किया है कि एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त और प्रभावी रणनीति के साथ काम कर रही है। महज 24 घंटे में दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस की मजबूत विवेचना, तकनीकी जांच और टीमवर्क का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
अंकुर उर्फ अखिल गिरी (42 वर्ष) – चेला महेश गिरी, निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, थाना पथरी, हरिद्वार।
आशु (37 वर्ष) – पुत्र देवीचंद सैनी, निवासी इस्माईलपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार।
राममिलन (38 वर्ष) – पुत्र वासवानंद, निवासी गोरसाडा, उत्तरकाशी। वर्तमान पता – करनाल, हरियाणा।
खुलासे में शामिल पुलिस टीम
दोहरे हत्याकांड के सफल अनावरण में थाना पथरी, सीआईयू रुड़की और एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई।
थाना पथरी टीम
थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार
वरिष्ठ उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह
उपनिरीक्षक विपिन कुमार (चौकी प्रभारी फेरूपुर)
उपनिरीक्षक बबलू चौहान
हेड कांस्टेबल नारायण राणा
कांस्टेबल दीपक चौधरी
कांस्टेबल मुकेश चौहान
कांस्टेबल राकेश नेगी
कांस्टेबल नारायण सिंह
एसटीएफ एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट
निरीक्षक पावन स्वरूप
उपनिरीक्षक विनोद जोशी
कांस्टेबल इसरार अहमद
सीआईयू रुड़की टीम
प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शाह
अपर उपनिरीक्षक अश्वनी यादव
हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी
कांस्टेबल आशीष
कांस्टेबल अजय काला
कांस्टेबल रविन्द्र खत्री
कांस्टेबल महिपाल तोमर
कांस्टेबल राहुल नेगी



