कांवड़ बाजार चमगादड़ टापू पर अतिक्रमण, टेंडर भी लंबित; कांवड़ मेले की तैयारियां अधर में।

हरिद्वार में आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय दिखाई दे रहा है, लेकिन नगर निगम की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। मुख्यमंत्री स्वयं हरिद्वार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुके हैं, जबकि जिलाधिकारी भी लगातार निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर जोर दे रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम की सुस्ती मेले में दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों और लाखों कांवड़ यात्रियों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल चमगादड़ टापू स्थित कांवड़ मेला स्थल को लेकर खड़ा हो गया है। मेले की शुरुआत में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन अभी तक मेला स्थल का टेंडर जारी नहीं हो सका है। टेंडर में हो रही देरी के कारण दुकानदार असमंजस की स्थिति में हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में व्यापारी यहां अस्थायी दुकानें लगाकर अपना रोजगार चलाते हैं, लेकिन इस बार व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि पूरा चमगादड़ टापू अवैध अतिक्रमण की चपेट में बताया जा रहा है। ऐसे में यदि टेंडर प्रक्रिया पूरी भी हो जाती है, तो सवाल यह है कि दुकानों के लिए स्थान कहां उपलब्ध कराया जाएगा। समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मेले की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम को टेंडर प्रक्रिया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लानी चाहिए, ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों की धीमी कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नगर निगम समय रहते इन समस्याओं का समाधान कर पाता है या नहीं।



