बिना कोचिंग अंशुल गिरी का सटीक निशाना, सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक

हरिद्वार। दिल्ली पब्लिक स्कूल दौलतपुर (डीपीएस) की छात्रा एवं ज्वालापुर मंडी सचिव लवकेश गिरी की पुत्री अंशुल गिरी ने उत्तराखंड के कोटद्वार में 20 से 24 जुलाई तक आयोजित सीबीएसई नॉर्थ जोन अंडर-19 रिकर्व आर्चरी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। अंशुल ने रिकर्व आर्चरी स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल कर हरिद्वार और अपने विद्यालय का नाम रोशन किया।

प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के स्कूलों से लगभग 350 तीरंदाजों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच अंशुल ने बेहतरीन निशानेबाजी, आत्मविश्वास और धैर्य का परिचय देते हुए पोडियम पर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वर्तमान में हरिद्वार में आर्चरी के लिए कोई नियमित प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं है। बिना पेशेवर कोचिंग के इस स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना उनकी लगन, मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है।
अंशुल की सफलता पर दिल्ली पब्लिक स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और सहपाठियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि अंशुल ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से स्कूल का गौरव बढ़ाया है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
परिवार में भी इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। अंशुल की माता श्रीमती अनुपमा गिरी ने अंशुल की मेहनत और दृढ़ संकल्प को उनकी सफलता का आधार बताया। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि हरिद्वार में आर्चरी के लिए बेहतर प्रशिक्षण और कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध हो, तो जिले के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। अंशुल गिरी की यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।



