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7 माह के मासूम का अपहरण कर भीख मंगवा रहे थे आरोपी, हरिद्वार पुलिस ने 4 दिन में किया सनसनीखेज खुलासा

हरिद्वार। कलियर दरगाह से सात माह के मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में हरिद्वार पुलिस ने महज चार दिन के भीतर ऐसा खुलासा किया है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और सक्रियता किसी भी अपराधी की चाल पर भारी पड़ सकती है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर गठित टीम ने दिन-रात एक कर न सिर्फ अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया बल्कि अपहरण में शामिल दिव्यांग महिला और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।

नवनीत सिंह भुल्लर एसएसपी

07 जून को दरगाह परिसर से सात माह का अली रजा लापता हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया, मुखबिर तंत्र और मैनुअल पुलिसिंग का ऐसा तालमेल बिठाया कि चार दिन के भीतर अपहरणकर्ताओं तक पहुंच गई।
जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक और दिव्यांग महिला को चिन्हित किया। टीम ने लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और गुरुवार को लक्सर रेलवे स्टेशन के पास दोनों को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए दबोच लिया। दिव्यांग महिला की बैसाखियां और मासूम के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां पुलिस के लिए अहम पहचान साबित हुईं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने भीख में ज्यादा पैसे कमाने के लालच में बच्चे का अपहरण किया था। दरगाह परिसर में छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को अधिक पैसे मिलते देख उन्होंने यह साजिश रची थी।
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पुलिस ने बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया। चार दिनों तक लगातार चली तलाश में पुलिस टीम ने सैकड़ों लोगों से पूछताछ, दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ने का काम किया।
हरिद्वार पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर दिखाया कि कप्तान नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में जिले की पुलिस गंभीर मामलों में कितनी तेजी और पेशेवर तरीके से काम कर रही है। मासूम के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने पुलिस टीम का आभार जताया, जबकि पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की सराहना हो रही है।

इस संवेदनशील मामले के खुलासे के लिए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में गठित टीम ने लगातार चार दिनों तक दिन-रात मेहनत की। पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय के नेतृत्व में निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, निरीक्षक रविन्द्र शाह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट, उपनिरीक्षक शहजाद अली, विवेचक उपनिरीक्षक विनोद गोला, अपर उपनिरीक्षक अश्वनी यादव सहित कोतवाली कलियर और एसओजी रुड़की की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने, मुखबिर तंत्र सक्रिय करने, सोशल मीडिया के माध्यम से पहचान जुटाने तथा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देने का कार्य किया।
टीम में हेड कांस्टेबल सोनू कुमार, इसरार अली, मनमोहन, कांस्टेबल आबिद अली, सोफिया अंसारी, राहुल कुमार, महिपाल, अजय काला और वसीम खान की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

Arif Ansari

Chief Editor Dastak 24x7 News

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