निगम-व्यापारी टकराव का शहर पर असर, कार्यालयों पर ताले; सफाई से लेकर दफ्तरी कामकाज तक सब ठप
हरिद्वार। नगर निगम और व्यापारियों के बीच अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शुरू हुआ विवाद अब शहर के लिए बड़ी प्रशासनिक समस्या बनता जा रहा है। बुधवार को नगर निगम कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप विभिन्न कार्यालयों पर ताले जड़ दिए, जिसके चलते न केवल सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई बल्कि निगम से जुड़े तमाम दफ्तरी कामकाज भी ठप हो गए। सुबह से ही शहर के अधिकांश क्षेत्रों में कूड़ा नहीं उठाया गया, जिससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। वहीं नगर निगम कार्यालयों में भी कामकाज बंद रहने से अन्य प्रशासनिक कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है। निगम कार्यालय पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारी नेता संजीव नैय्यर के प्रतिष्ठान के बाहर कथित रूप से कूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटे जाने के बाद विवाद भड़क गया था। व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना दिया और उप नगर आयुक्त व संबंधित सफाई निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। देर शाम वार्ता के बाद बाजार तो खुल गया, लेकिन विवाद का असर बुधवार को निगम व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया।
व्यापारियों का आरोप है कि पूरे प्रकरण में क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक की कार्यप्रणाली भी विवादों के केंद्र में रही है। उनका कहना है कि समय रहते संवाद और समन्वय स्थापित किया जाता तो मामला इतना न बढ़ता कि शहर की सफाई व्यवस्था और निगम के नियमित कार्य तक प्रभावित हो जाएं। अब जब निगम कर्मी भी आंदोलन की राह पर हैं, तो सवाल उठ रहा है कि आखिर हालात यहां तक पहुंचे कैसे।

एक ओर सड़कों पर कूड़ा नहीं उठ रहा, दूसरी ओर निगम कार्यालयों में ताले लटक रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी आम नागरिकों को झेलनी पड़ रही है। धार्मिक नगरी हरिद्वार में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे समय में सफाई व्यवस्था का ठप होना और प्रशासनिक सेवाओं का बंद होना शहर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
अब निगाहें मेयर, मुख्य नगर आयुक्त, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। शहरवासियों का कहना है कि निगम और व्यापारियों के बीच का विवाद अपनी जगह है, लेकिन जनता को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह विवाद और गहराकर शहर के लिए बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।



