हरिद्वार में तमंचे के दम पर लूट करने वाले चार युवक गिरफ्तार, लूटी गई स्कूटी पर लगा रखी थी फर्जी नंबर प्लेट

हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने सीआईयू टीम के साथ मिलकर तमंचे के बल पर की गई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने लूटी गई स्कूटी, मोबाइल, पर्स, नकदी, देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए सभी आरोपी 19 से 21 वर्ष आयु वर्ग के हैं और भविष्य बनाने की उम्र में अपराध की राह पर चल पड़े।
जानकारी के अनुसार 23 मई 2026 की रात सीतापुर निवासी सौरभ सती सिडकुल से अपनी स्कूटी पर घर लौट रहे थे। चिन्मय डिग्री कॉलेज के पास पीछे से आए चार स्कूटी सवार युवकों ने उन्हें रोककर तमंचा दिखाया और उनकी स्कूटी, मोबाइल, पर्स तथा पांच हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। पॉश इलाके में हुई इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए, जिसके बाद कोतवाली रानीपुर और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी वारदात के समय और उससे पहले गली-मोहल्लों के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे उनके स्थानीय होने का अंदेशा हुआ। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पुलिस ने रेगुलेटर पुल के पास से चार संदिग्ध युवकों को दबोच लिया। जांच में बरामद स्कूटी लूटी गई निकली, जिस पर आरोपियों ने फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का आईक्यूओओ मोबाइल, पर्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो हजार रुपये नकद, एक देशी तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस तथा एक चाकू बरामद किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन समय रहते गिरफ्तार कर लिए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में कार्तिक सैनी निवासी ऋषिकुल, शिवांश उर्फ विलन निवासी अहमदपुर ग्रांट, लक्की निवासी सिया कॉलोनी राजा गार्डन और वंश चंचल निवासी राजू नगर बस अड्डा शामिल हैं।
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर भंडारी, चौकी प्रभारी गैस प्लांट उपनिरीक्षक चरण सिंह, उपनिरीक्षक अंशुल अग्रवाल, कांस्टेबल विवेक गुसाईं, प्रेम सिंह दानू, हरीश राणा, उदय चौहान और नवीन क्षेत्री शामिल रहे। वहीं सीआईयू टीम में प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल वसीम, हरवीर, दीप गौड़, नरेंद्र और उमेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



