राजाजी नेशनल पार्क में मादा हाथी की मौत, वन विभाग और पार्क प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल

हरिद्वार। हरिद्वार के राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में बिल्केश्वर कॉलोनी के पास जंगल में एक मादा हाथी की मौत का मामला सामने आया है। हथिनी की मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हथिनी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के मुताबिक, प्रथमदृष्टया मादा हाथी की मौत ढलान से गिरने के कारण हुई प्रतीत हो रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि हथिनी पिछले कई दिनों से बीमार अवस्था में दिखाई दे रही थी और उसके पैर में भी चोट लगी हुई थी। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ हथिनी की बीमारी और चोट से जुड़े पहलुओं की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
कई दिनों से बीमार दिखाई दे रही थी हथिनी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मादा हाथी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ नजर आ रही थी। यदि हथिनी की तबीयत खराब थी और उसके पैर में चोट भी थी, तो यह जांच का विषय है कि उसकी निगरानी की गई थी या नहीं और उसे समय पर उपचार मिल पाया था या नहीं।
राजाजी नेशनल पार्क वन्यजीवों के संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां हाथियों सहित अनेक वन्यजीव विचरण करते हैं। ऐसे में किसी वन्यजीव के बीमार होने या घायल अवस्था में दिखाई देने पर उसकी निगरानी और आवश्यक उपचार की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मौत की वजह स्पष्ट नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल हथिनी की मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। वन विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हथिनी की मौत बीमारी, चोट या किसी अन्य कारण से हुई है।
वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
हथिनी की मौत के बाद वन्यजीवों की निगरानी और उपचार व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि हथिनी कई दिनों से बीमार थी, तो क्या वन विभाग को इसकी जानकारी थी? क्या किसी कर्मचारी या वन्यजीव निगरानी टीम ने उसकी स्थिति का जायजा लिया था? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
फिलहाल वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हथिनी की मौत के कारणों का खुलासा होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय किए जाने की आवश्यकता होगी।



