
हरिद्वार। उत्तराखंड अल्पसंख्यक हुनर परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि परिषद का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार के माध्यम से अल्पसंख्यक समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने नवरात्र और दशहरे के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि परिषद के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत कारपेंटरी, कढ़ाई-बुनाई, राजमिस्त्री सहित अन्य हुनर आधारित कार्यों का प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर समाज के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। परिषद की योजनाओं से विशेष रूप से मुस्लिम समाज के लोगों को लाभान्वित करने और उन्हें प्रगति के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि आने वाले समय में इन प्रयासों से अल्पसंख्यक समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और अधिक से अधिक लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आने के बजाय शिक्षा, हुनर और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समाज को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।



