
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर जगद्गुरु आदि शंकराचार्य जी की भव्य प्रतिमा स्थापना की तैयारियां धार्मिक विधि-विधान के साथ आगे बढ़ रही हैं। प्रतिमा स्थापना से पूर्व स्थल पर पांच दिवसीय शास्त्रोक्त अनुष्ठान एवं वैदिक महायज्ञ संपन्न हुआ। भूमि पूजन, गंगाजल प्रोक्षण, नवग्रह शांति, वास्तु पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि शुद्धिकरण किया गया।

संत-महात्माओं, तीर्थ पुरोहितों, नगर विधायक, प्रशासनिक अधिकारियों, वैदिक आचार्यों तथा गणमान्य लोगों की मौजूदगी में संपन्न हुए इस धार्मिक आयोजन के बाद प्रतिमा स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। कुंभ मेला अधिष्ठान की व्यवस्थाओं के तहत प्रस्तावित प्रतिमा स्थल एवं आसपास के मार्ग को श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए अधिक सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

संत समाज ने कहा कि आदि शंकराचार्य सनातन धर्म, भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा स्थापना से शंकराचार्य चौक को नई पहचान मिलने के साथ हरिद्वार की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी और मजबूत होगी।

संतों ने प्रतिमा स्थापना को लेकर प्रसारित भ्रामक खबरों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान और सभी धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न हुआ है। उन्होंने अपुष्ट सूचनाओं से बचने और धार्मिक आस्था का सम्मान करने की अपील की।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच आदि शंकराचार्य जी की भव्य प्रतिमा हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बनने के साथ शंकराचार्य चौक और संबंधित मार्ग की पहचान को भी नई दिशा देगी।



