
हरिद्वार। नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य कर रही एकॉन वाटर ग्रेस संस्था द्वारा स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण (Source Segregation) को बढ़ावा देने के लिए व्यापक आईईसी (Information, Education & Communication) जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान संस्था की टीम ने घर-घर जाकर नागरिकों को 4-बिन सिस्टम की जानकारी दी और कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने के लिए प्रेरित किया।
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि सूखा कचरा (Dry Waste), गीला कचरा (Wet Waste), सैनिटरी कचरा (Sanitary Waste) तथा खतरनाक कचरा (Hazardous Waste) को अलग-अलग बिन में डालना न केवल स्वच्छता के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, रीसाइक्लिंग और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
एकॉन वाटर ग्रेस के मैनेजर सुधीर चौधरी ने कहा, “स्वच्छ शहर की शुरुआत हर घर से होती है। यदि प्रत्येक परिवार 4-बिन सिस्टम अपनाकर घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करेगा, तो न केवल कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण आसान होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल करने में भी बड़ी मदद मिलेगी। हमारी संस्था का उद्देश्य केवल कूड़ा संग्रहण करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति स्थायी जागरूकता विकसित करना भी है।”
संस्था के प्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में सहयोग करें और गीले, सूखे, सैनिटरी तथा खतरनाक कचरे को अलग-अलग देकर शहर को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
एकॉन वाटर ग्रेस संस्था ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की आईईसी गतिविधियां लगातार संचालित की जाएंगी, ताकि “स्रोत पर कचरा पृथक्करण” को जन-आंदोलन बनाया जा सके और नगर निगम क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।



