हरिद्वार

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की जनसुनवाई में 102 शिकायतें दर्ज, 48 का मौके पर निस्तारण

हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 102 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज कराई गईं, जिनमें से 48 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

राजस्व, भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें अधिक

जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, सड़क, जलभराव, सामाजिक एवं पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों की संख्या अधिक रही। फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
पैमाइश, अवैध कब्जा और भुगतान में अनियमितता के मामले उठे
जनसुनवाई में शिकायतकर्ता सुशील कुमार पुत्र स्व. नकलीराम ने कृषि खाता संख्या 0415, खसरा संख्या 82, मोजा धनौरी, तहसील रुड़की की पैमाइश कराए जाने की मांग की।
वहीं विपिन कुमार पुत्र सत्यपाल ने पीली वाला तालाब की खुदाई एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में जॉब कार्ड धारकों के माध्यम से फर्जी भुगतान किए जाने की शिकायत करते हुए जांच की मांग की।
चकरोड, अवैध निर्माण और जलभराव की समस्याएं सामने
ब्रह्मपाल सिंह निवासी ग्राम बिशनपुर (मुस्तकम) ने खसरा संख्या 188 पर अवैध कब्जा कर फसल बोए जाने की शिकायत दर्ज कराते हुए चकरोड को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
ग्राम धनौरी तहसील रुड़की के ग्रामीणों ने धनौरी-तेलीवाला मार्ग पर जलभराव की समस्या के समाधान हेतु सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की मांग रखी।
इसके अलावा ग्राम मिर्जापुर शादात तहसील लक्सर में रास्ते की भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोकने का मामला भी जनसुनवाई में उठाया गया।

पारिवारिक और दस्तावेजी समस्याओं का भी निस्तारण

विशाल कुमार, निवासी नई बस्ती भीमगोड़ा ने अपनी पत्नी का आधार कार्ड बनवाने से संबंधित प्रार्थना पत्र दिया।
वहीं शिमलेश निवासी देवनगर महदूद ने अपने बड़े बेटे द्वारा मकान पर कब्जा कर घर से बाहर किए जाने की शिकायत करते हुए मकान को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, होगी कार्रवाई: डीएम

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गंभीरता के साथ किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सख्ती
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा के भीतर निस्तारित करें तथा पोर्टल के माध्यम से शिकायतकर्ता से संवाद भी सुनिश्चित करें।
समीक्षा में पाया गया कि विभिन्न विभागों में एल-1 पर 519 और एल-2 पर 112 शिकायतें लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में ये अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपेंद्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर. चौहान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, लोनिवि अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, एआरटीओ नेहा झा, डीएसओ श्याम आर्य, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, नोडल स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।

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