
हरिद्वार। भेल क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब चार बजे जंगल से निकलकर एक जंगली हाथी फाउंड्री गेट पर पहुंच गया। हाथी को अचानक आबादी और आवाजाही वाले क्षेत्र में देखकर अफरा-तफरी मच गई। चिंता की बात यह रही कि जिस समय हाथी वहां पहुंचा, उसी समय भेल की छुट्टी होती है और बड़ी संख्या में कर्मचारी फाउंड्री गेट से बाहर निकलते हैं।
भेल क्षेत्र में जंगली हाथियों की दस्तक लोगों के लिए पहले भी जानलेवा साबित हो चुकी है। पूर्व में हाथी के हमले में लोगों की जान भी चली गई थी। इसके बाद वन विभाग ने संबंधित हाथी को रेस्क्यू कर पकड़ा था और उसे राजाजी टाइगर रिजर्व में रखा गया था।
पुरानी घटना के बावजूद भेल क्षेत्र में जंगली हाथी का दोबारा आबादी और व्यस्त मार्ग के नजदीक पहुंचना लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। शाम के समय यहां कर्मचारियों और राहगीरों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में जंगली हाथी की मौजूदगी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
अब सवाल यह है कि जंगल से निकलकर आबादी की ओर आने वाले हाथियों की निगरानी और लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग क्या कदम उठाता है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने की जरूरत है।
फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जंगली हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।



