
हरिद्वार।लक्सर के सुल्तानपुर स्थित मदरसा इकबालिया में मिड डे मील योजना की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित चंद द्वारा 18 मार्च को टीम के साथ की गई छापेमारी में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए। जांच के दौरान मदरसे में पंजीकृत 592 छात्रों के सापेक्ष मौके पर मात्र 27 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित मिलने पर विभागीय अधिकारियों ने गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई थी।

जांच के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। बावजूद इसके अब तक न तो मदरसे के प्रबंधक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही क्षेत्रीय उप शिक्षा अधिकारी लक्सर की जिम्मेदारी तय की गई। मामले में कार्रवाई न होने से सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्र संख्या बढ़ाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए काफी लंबे समय से तिजोरी भरी जा रही थी, अफसोसनाक बात यह है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल लंबे समय से चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि जांच में अनियमितता सामने आने और नोटिस जारी होने के बाद भी संबंधित अधिकारियों और मदरसा प्रबंधक पर कार्रवाई नहीं होना पूरे मामले को संदिग्ध बना रहा है। क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा द्वारा जारी नोटिस में मदरसा प्रबंधक को एफआईआर तक की चेतावनी दी गई थी। अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पर टिकी है कि इस फर्जीवाड़े में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।



