7 जुलाई से पहले ही समेट दिया गया एसआईआर अभियान, फॉर्म हाथ में लिए भटकते रहे लोग
रातों-रात बदली समय-सीमा से मचा हड़कंप, बड़ी संख्या में लोग प्रक्रिया से रह गए वंचित

हरिद्वार। प्रदेशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर शुक्रवार रात जारी एक तुगलकी फरमान के बाद शनिवार सुबह तक ही अभियान समेट दिए जाने से आमजन और बीएलओ के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। जबकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह अभियान 7 जुलाई तक चलना था।

अचानक समय-सीमा बदलने का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ा, जिनके आवेदन पत्र तैयार थे लेकिन उन्हें जमा करने का अवसर नहीं मिल सका। कई लोग फॉर्म हाथ में लिए इधर-उधर भटकते रहे, जबकि अनेक नागरिक एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं ले पाए।
प्रभावित लोगों का कहना है कि की माने तो पहले जारी तिथि के बाद एक दम से समय सीमा का यूँ बदल दिया जाना एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। अचानक लिए गए फैसले से बड़ी संख्या में पात्र लोग प्रक्रिया से बाहर रह गए।
वहीं, कई बीएलओ का कहना है कि उन्हें भी देर रात निर्देश प्राप्त हुए, जिसके बाद निर्धारित समय से पहले ही अभियान समेटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने अभियान की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



