साइबर अपराधियों पर SSP नवनीत सिंह की टीम का ताबड़तोड़ एक्शन, ‘मगध साइबर गैंग’ का ऋषिकेश नेटवर्क ध्वस्त

हरिद्वार। साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के कड़े निर्देश और प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते पुलिस ने ‘मगध साइबर गैंग’ के ऋषिकेश नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके एक महत्वपूर्ण मददगार को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक अहम सफलता माना जा रहा है।

SSP नवनीत सिंह के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर के कुशल पर्यवेक्षण में विशेष टीम ने डिजिटल साक्ष्यों एवं तकनीकी सर्विलांस के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता के चलते सागर पाण्डेय निवासी बलिया (उत्तर प्रदेश) को ऋषिकेश के मायाकुंड क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस

कोतवाली श्यामपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 100/2026 में वांछित चल रहे आरोपी सागर पाण्डेय की तलाश के लिए उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। CIU हरिद्वार द्वारा आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट का तकनीकी विश्लेषण किया गया, जिसमें उसकी लोकेशन चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड ऋषिकेश में मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और काले रंग की स्कूटी से जा रहे आरोपी को दबोच लिया। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ हरिद्वार पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।
म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी की रकम खपाता था गैंग

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया का रहने वाला है और ऋषिकेश में रहकर ‘मगध साइबर गैंग’ के पूर्व में गिरफ्तार मुख्य सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था।
आरोप है कि सागर पाण्डेय स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और इन खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए गैंग को उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने विशाल और श्याम नामक व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है, जिसके बदले उसे भारी कमीशन मिलता था।
पुलिस के डर से डिलीट कर दिए थे चैट और नंबर
पुलिस के अनुसार आरोपी को जब अपने पांच साथियों की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की जानकारी मिली तो उसने अपने बचाव के लिए मोबाइल से व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और साथियों के मोबाइल नंबर तक डिलीट कर दिए। हालांकि, श्यामपुर पुलिस और CIU की तकनीकी जांच के सामने उसकी यह कोशिश भी नाकाम रही।पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य रिकवर किए और गैलरी से विशाल के नाम दर्ज बैंक खाते की फोटो भी बरामद की।
SSP नवनीत सिंह की रणनीति से साइबर अपराधियों पर शिकंजा

हरिद्वार जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई में SSP नवनीत सिंह की सक्रिय निगरानी और सख्त कार्यशैली की अहम भूमिका सामने आ रही है। तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट और सर्विलांस का प्रभावी इस्तेमाल कर पुलिस जिस तरह अपराधियों तक पहुंच रही है, उससे साइबर ठगों के नेटवर्क में खलबली मची हुई है।
वहीं कोतवाली श्यामपुर पुलिस और CIU हरिद्वार की संयुक्त टीम ने जिस तेजी और सूझबूझ के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया, वह पुलिस की बेहतर टीमवर्क और तकनीकी क्षमता का उदाहरण है। थानाध्यक्ष नितेश शर्मा और चौकी प्रभारी चंडी घाट देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई को अंजाम देकर साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की मजबूत पकड़ को साबित किया है।
बरामदगी
01 मोबाइल फोन (Realme)
बैंक खातों एवं चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज
गिरफ्तार आरोपी
सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय
मूल निवासी—ग्राम सिकंदपुर, थाना सिकन्दरपुर, जिला बलिया (उत्तर प्रदेश)
हाल निवासी—मायाकुंड, ऋषिकेश
पुलिस टीम
थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडी घाट उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, कांस्टेबल राहुल देव, कांस्टेबल वसीम एवं CIU हरिद्वार टीम।



