हरिद्वार

मुख्यमंत्री धामी की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना को बड़ा झटका, हरिद्वार में 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर लगे ताले

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना को हरिद्वार में बड़ा झटका लगा है। शासन के आदेश के बाद नगर निगम क्षेत्र में संचालित 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाएं 31 जुलाई से बंद कर दी गई हैं। इन केंद्रों के बंद होने से हजारों जरूरतमंद लोगों के सामने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का संकट खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री धामी की पहल पर प्रदेशभर में स्थापित किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक ही निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इन केंद्रों पर प्रतिमाह बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार किया जाता था। साथ ही मुफ्त दवाइयां, रक्तचाप, शुगर जैसी प्राथमिक जांच और सामान्य स्वास्थ्य परामर्श भी उपलब्ध कराया जाता था। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से राहत मिली थी।
लेकिन अब इन केंद्रों पर ताला लगने से सबसे अधिक असर उन गरीब परिवारों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से यहीं से उपचार और दवाइयां लेते थे। बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के सामने इलाज का नया संकट खड़ा होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह व्यवस्था लंबे समय तक बंद रही तो गरीब मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ेगा, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
वहीं, इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर सवाल भी उठने लगे हैं कि जब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने का दावा कर रही है, तब पहले से संचालित इन केंद्रों को बंद करने की नौबत क्यों आई। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस निर्णय की समीक्षा की जाए और जल्द से जल्द सभी 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन फिर से शुरू कराया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को पहले की तरह सुलभ एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।

Arif Ansari

Chief Editor Dastak 24x7 News

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