उषा ब्रेको फिर चर्चा में, बोर्ड बैठक से पहले राजनीतिक गलियारों में पैसों के खेल की चर्चाएं तेज

हरिद्वार नगर निगम की बोर्ड बैठक से पहले राजनीतिक गलियारों में कथित पैसों के लेन-देन की चर्चाएं जोरों पर हैं। शहर में यह चर्चा आम है कि रोपवे कंपनी उषा ब्रेको की ओर से भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के कुछ पार्षदों तक रकम पहुंचाई गई है। चर्चाओं में अलग-अलग पार्षदों को 70 हजार, 50 हजार और 20 से 25 हजार रुपये तक दिए जाने की बातें कही जा रही हैं।इसी बीच राजनीतिक गलियारों में पिछले दिनों एक पार्षद के जन्मदिन पर आयोजित पार्टी की भी खूब चर्चा है। शहर में कुछ लोग उस आयोजन पर हुए खर्च को भी उषा ब्रेको से जोड़कर देख रहे हैं। इन चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल कांग्रेस के उन पार्षदों पर उठ रहा है, जो हर बोर्ड बैठक में सबसे ज्यादा हंगामा और विरोध करते नजर आते थे, लेकिन इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। वहीं भाजपा के कुछ पार्षदों को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
शहर में लोग सवाल पूछ रहे हैं कि यदि सब कुछ पारदर्शी है तो दोनों दलों के पार्षद खुलकर अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहे? आखिर बोर्ड बैठक से पहले ऐसा क्या हुआ कि विरोध की आवाजें अचानक धीमी पड़ गईं?
यदि इन चर्चाओं में जरा भी सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। वहीं यदि आरोप बेबुनियाद हैं तो संबंधित पार्षदों और कंपनी को सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखकर इन चर्चाओं का खंडन करना चाहिए।



