हरिद्वार ग्रामीण कांग्रेस में ‘करंट’ वाली कलह! अनुपमा रावत पर पोस्ट वॉर से खुली अंदरूनी जंग

हरिद्वार ।कांग्रेस में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सतह पर आने लगी है। हरिद्वार ग्रामीण से विधायक अनुपमा रावत को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाली नेता माना जाता है, लेकिन हाल ही में बिजली संकट को लेकर सोशल मीडिया पर उन पर लगाए गए आरोपों ने कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर कर दिया है।
चर्चाओं के केंद्र में युवा कांग्रेस नेता गौरव चौहान हैं, जिन्हें कांग्रेस के एक विधायक का बेहद करीबी माना जाता है। हाल ही में हुए युवा कांग्रेस चुनाव में भी संबंधित विधायक की पूरी टीम गौरव चौहान के समर्थन में सक्रिय दिखाई दी थी। ऐसे में अब गौरव चौहान द्वारा हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत पर खुले तौर पर सोशल मीडिया पर सवाल उठाना, हर घंटे जवाब मांगना और क्षेत्र से गायब रहने जैसे आरोप लगाना कांग्रेस की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर रहा है।
दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय सोशल मीडिया पर विधायक अनुपमा रावत को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, उसी दौरान वह ग्रामीणों के साथ गुरुकुल बिजलीघर में मौजूद थीं और देर रात तक बिजली व्यवस्था सुचारु कराने में जुटी हुई थीं। इसका वीडियो सामने आने के बाद अब सोशल मीडिया पर गौरव चौहान की मंशा पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि 2027 चुनाव से पहले सुनियोजित तरीके से अनुपमा रावत की छवि कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। “बाहरी-भीतरी प्रत्याशी” जैसे मुद्दों को हवा देना और सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियों का माहौल बनना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि मामला सिर्फ बिजली संकट तक सीमित नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर गहरी गुटबाजी का हिस्सा बन चुका है।
कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी इस घटनाक्रम से नाराज बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जनता के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करने के बजाय अगर पार्टी के नेता ही अपने विधायक को निशाना बनाएंगे, तो इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को ही उठाना पड़ेगा। विरोध राजनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन तथ्यों को नजरअंदाज कर अपने ही नेता के खिलाफ माहौल बनाना अब पार्टी की अंदरूनी सियासत को खुलकर सामने ला रहा है।



