खबर का असर:सरकारी भूमि पर भूमाफिया के कब्जे पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर,कब्जा किया ध्वस्त

हरिद्वार। विष्णु लोक कॉलोनी में करोड़ों रुपये की कीमत वाली बहुमूल्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब “दस्तक न्यूज़” ने गत दिवस समाचार के माध्यम से हल्का लेखपाल और भू-माफिया के बीच कथित मिलीभगत को उजागर किया। समाचार के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया कि सरकारी भूमि पर भू-माफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और प्रशासन की तत्परता की चर्चा भी होने लगी।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है। जिस हल्का लेखपाल रविकांत की भूमिका इस मामले में संदिग्ध बताई जा रही है, उसके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? आरोप है कि लेखपाल ने पूरे रिकॉर्ड होने के बावजूद सरकारी भूमि को आबादी की श्रेणी में दर्शाते हुए भू-माफिया को कब्जा करने का मौका दिया। इतना ही नहीं, उसने एक ऐसी रिपोर्ट भी तैयार की, जिसने अवैध कब्जे को अप्रत्यक्ष रूप से वैधता प्रदान करने का काम किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मिलीभगत को उजागर नहीं किया जाता, तो सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण हो सकता था, जिससे करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति हमेशा के लिए हाथ से निकल जाती। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह कुछ अधिकारियों की सांठगांठ से भू-माफिया सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने में सफल हो जाते हैं।
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अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है। क्या केवल अवैध कब्जा हटाकर मामला शांत कर दिया जाएगा, या फिर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी, जिनकी भूमिका इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध रही है। जनता की नजरें अब प्रशासन पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ न्याय किया जाएगा।



