पसमांदा समाज के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाने में शादाब शम्स की सक्रिय भूमिका
2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक गतिविधियां तेज, इरशाद अली की नियुक्ति में भी भूमिका की चर्चा

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पसमांदा समाज के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने की कवायद भी लगातार दिखाई दे रही है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पैनल में शामिल वरिष्ठ नेता शादाब शम्स इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं।

पसमांदा समाज से जुड़े संगठनात्मक मंच पर उनकी जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी ने पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को चर्चा में ला दिया है। बताया जा रहा है कि पसमांदा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच भाजपा की नीतियों और संगठनात्मक विचारधारा को पहुंचाने के उद्देश्य से शादाब शम्स लगातार बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
इसी कड़ी में इरशाद अली को पसमांदा संगठन का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने में भी शादाब शम्स की भूमिका की चर्चा है। संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार, पसमांदा समाज के बीच संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
शादाब शम्स लंबे समय से भाजपा के भीतर मुस्लिम समाज, विशेषकर पसमांदा समुदाय के बीच संवाद और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के मुद्दे को लेकर सक्रिय रहे हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि पसमांदा समाज के बीच संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने से पार्टी को इस वर्ग के साथ सीधे संवाद का अवसर मिल सकता है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पसमांदा समाज को भाजपा के संगठनात्मक दायरे से जोड़ने की यह पहल उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण गतिविधि के तौर पर सामने आ रही है। आने वाले समय में इस अभियान के तहत संगठन किस तरह विस्तार करता है और पसमांदा समाज के बीच भाजपा की गतिविधियां किस रूप में आगे बढ़ती हैं, यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।



