
बहादराबाद। बहादराबाद टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से 135 रुपये प्रति वाहन टोल शुल्क वसूले जाने के बावजूद बहादराबाद बाईपास की सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ऐसे में टोल वसूली के बीच सड़क के रखरखाव को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बहादराबाद बाईपास पर सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालकों को गड्ढों से बचकर निकलना पड़ रहा है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
वहीं रुड़की बाईपास से बहादराबाद की ओर आने वाला मार्ग भी खस्ताहाल हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वाहन चालकों से नियमित रूप से टोल शुल्क लिया जा रहा है, तो सड़क के रखरखाव और गड्ढों की मरम्मत की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है? क्या NHAI की ओर से सड़क की नियमित जांच और संबंधित एजेंसी के काम की निगरानी की जा रही है? यदि निगरानी हो रही है तो सड़क की यह स्थिति आखिर कैसे बनी हुई है?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लोकल वाहन चालकों से टोल वसूली को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार न होना लोगों की नाराजगी को बढ़ा रहा है।
चुनाव नजदीक होने के बावजूद सड़क की इस गंभीर समस्या पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और विधायक की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि जब जनता रोजाना इस बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर है तो जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के सामने क्यों नहीं उठा रहे हैं?
लोगों का कहना है कि टोल वसूली के साथ सड़क की सुरक्षित और बेहतर स्थिति सुनिश्चित करना भी जिम्मेदार एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
अब देखना होगा कि NHAI, टोल प्रबंधन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं, या फिर जनता इसी तरह बदहाल सड़क और गड्ढों के बीच सफर करने को मजबूर रहेगी।



