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जन्म देने वाली माँ ने छोड़ा तो मित्र पुलिस ने निभाया मानवता का धर्म

राहिल अंसारी

हरिद्वार: गुनाहगारों को सलांखो के पीछे पहुँचाने वाली पुलिस को कड़े तेवर के साथ सख्त व्यवहार रखना लाजमी होता है जिसे लेकर जनता पुलिस के बारे में अपनी अलग-अलग राय बना लेती है। कोई पुलिस की इस बात को सही समझता है तो ज्यादातर लोग इस बात से खफा नजर आते है। बता दें की इसके अलावा भी पुलिस का एक अलग मानवता से भरा चेहरा भी है जिसे बहुत ही कम लोग जानते है इसी व्यवहार का उदाहरण देते हरिद्वार पुलिस ने एक महिला द्वारा जन्मी दो मृत बच्चियों को अस्पताल में छोड़ दिए जाने के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जिसे लेकर मित्र पुलिस की प्रदेश भर में जमकर प्रशंसा हो रही है।

फ़ाइल फ़ोटो- कप्तान प्रमेंद्र डोभाल

पुलिस कप्तान की कमान संभालने के बाद से एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल द्वारा लगातार पुलिसकर्मियों को जनता की हर संभव मदद किए जाने को लेकर प्रेरित किया जा रहा है साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाने की कप्तान की प्राथमिकता ने जनता के बीच पुलिस की छवि को सुधारने का काम भी बखूबी किया। इसी क्रम में कप्तान के आदेशों का पालन करते हुए कोतवाली गंगनहर पुलिस द्वारा मानवता का उदाहरण पेश करते हुए दो नवजात मृतक बच्चियों को सुपुर्द-ए-खाक करने का काम किया गया।
जानकारी के अनुसार गंग नहर पुलिस को रुड़की सिविल अस्पताल से सूचना मिली की एक महिला द्वारा दो मृतक बच्चियों को जन्म दिया गया है।जबकि महिला का बच्चों को जन्म देने के बाद से कुछ पता नही चल रहा है। प्राप्त सूचना पर मौके पर पहुंची गंग नहर पुलिस के कांस्टेबल रणवीर सिंह व अजय दत्त द्वारा दोनों मृतक बच्चियों का पोस्टमार्टम कराने के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से अंतिम संस्कार करने का काम किया गया। मित्र पुलिस द्वारा किए गए इस मानवता के कार्य को लेकर गंग नहर पुलिस की जमकर प्रसंसा की जा रही है।

Arif Ansari

Chief Editor Dastak 24x7 News

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