वसीम हत्याकांड: करीब एक साल बाद लैब टेक्नीशियन वसीम हत्याकांड का खुलासा, रानीपुर पुलिस ने आरोपी होमगार्ड को किया गिरफ्तार

हरिद्वार।कोतवाली रानीपुर क्षेत्र में जनवरी 2025 में हुई लैब टेक्नीशियन वसीम की सनसनीखेज गोलीकांड हत्या का खुलासा पुलिस ने लगभग एक वर्ष बाद कर दिया है। एसएसपी हरिद्वार के नेतृत्व में दोबारा की गई गहन विवेचना के बाद पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक होमगार्ड को गिरफ्तार किया है।

18 जनवरी 2025 को ग्राम गढ़मीरपुर में वसीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के पिता मुस्तकीम की तहरीर पर कोतवाली रानीपुर में अज्ञात अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के बावजूद कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका।
मामले में प्रगति न होने पर एसएसपी हरिद्वार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पुनः गहन जांच के आदेश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और सीआईयू की टीम को लगाया गया। दोबारा किए गए सूक्ष्म विश्लेषण में एक संदिग्ध ग्रे रंग की जुपिटर स्कूटी जांच के दायरे में आई।
22 दिसंबर 2025 की रात सुमननगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने उक्त स्कूटी के साथ अभिमन्यु पुत्र अर्जुन सिंह, निवासी ग्राम सकौती, थाना मंगलौर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की।
आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2015 में होमगार्ड में भर्ती हुआ था और 2024 में उसकी दोस्ती एक महिला होमगार्ड से हुई। महिला की पूर्व में मृतक वसीम से दोस्ती थी, जिससे जुड़े फोटो और मैसेज उसके मोबाइल में मौजूद थे। वसीम द्वारा महिला को लगातार कॉल और मैसेज कर परेशान किए जाने से आरोपी के मन में आक्रोश पैदा हुआ और उसने हत्या की योजना बना डाली।
17 जनवरी 2025 की शाम आरोपी ने महिला की स्कूटी से वसीम की मोटरसाइकिल का पीछा किया और ग्राम गढ़ के पास चलते वाहन से देशी तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और जिंदा कारतूस जंगल से बरामद कर लिया है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस ने इस जटिल हत्याकांड के सफल खुलासे को एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस जटिल हत्याकांड के सफल खुलासे में रानीपुर पुलिस और सीआईयू टीम की कड़ी मेहनत और पेशेवर कार्यशैली सामने आई है। प्रभारी निरीक्षक शांति कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इंटेलिजेंस का बेहतरीन तालमेल बैठाते हुए केस को सुलझाया। एसएसपी हरिद्वार के स्पष्ट दिशा-निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के चलते पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और अंततः आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस खुलासे से एक बार फिर हरिद्वार पुलिस की कार्यक्षमता और कप्तानी नेतृत्व की सराहना हो रही है।



