साजिश:तो सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी वायरल वीडियो,खुलने लगी परतें
हरिद्वार। देह–व्यापार जैसे घिनौने काम में लिप्त एक दलाल द्वारा छह–सात महीने पहले जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना आरिफ को ब्लैकमेल करने के लिए बनाए गए वीडियो को फिर से गलत संदेश के साथ वायरल किए जाने की असलियत सामने आने लगी है ।जानकारी के अनुसार वीडियो वायरल होने से दो घंटे पहले एक कथित पत्रकार ने भी मदरसे पहुंचकर मौलवी आरिफ से मिलने की कोशिश की थी,लेकिन मदरसे मौजूद न होने के चलते जब मौलाना से मुलाकात नहीं हो पाई तो वह कथित पत्रकार अपना विजिटिंग कार्ड मदरसे में देकर यह कहते हुए निकला था कि अगर न मिले तो बहुत देर हो जाएगी।और फिर दो घंटे बाद वीडियो वायरल होने लगी।कथित पत्रकार के इस तरह मदरसे में जाकर धमकी देने के मामले को भी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।
बताते चलें कि यह वही वीडियो है जिसे लेकर छः माह से मौलाना से पैसों की मांग की गई थी, और बाद में बच्चे की माँ ने सामने आकर साफ कहा था कि वीडियो पूरी तरह झूट है वीडियो को मौलाना को बदनाम करने की नीयत से बनाया गया है। उन्होंने मौलाना पर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और निराधार बताया था। क्षेत्रवासियों ने भी माँ के बयान का समर्थन किया था।
—वीडियो वायरल होने से पूर्व तथाकथित पत्रकार ने मदरसे पहुंचकर मौलवी आरिफ से की थी मुलाक़ात की कोशिश, न मिलने पर दी थी धमकी— “मुलाकात न की तो देर हो जाएगी” कहकर छोड़ा विजिटिंग कार्ड
सूत्रों के अनुसार, वीडियो को गुरुवार को वायरल किए जाने से ठीक पहले, एक तथाकथित पत्रकार ईदगाह स्थित मदरसे में मौलाना आरिफ से मिलने पहुंचा था। वह व्यक्ति इसी पुराने वीडियो के संदर्भ में निजी लाभ और दबाव बनाने की नीयत से बातचीत करने आया था।
लेकिन मौलाना से मुलाकात न होने पर उसने अपना विजिटिंग कार्ड देकर चेतावनी भरे लहज़े में कहा— “मुलाकात नहीं की तो देर हो जाएगी।”
उसके जाने के कुछ ही घंटों बाद, उसी दिन शाम को, एक तथाकथित न्यूज़ ग्रुप में वही पुराना वीडियो गलत संदेश और भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल कर दिया गया।
—इलाके में नाराज़गी, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है ताकि सम्मानित धार्मिक व्यक्तियों को बदनाम किया जा सके और समाज में भ्रम फैलाया जा सके।
बच्चे की माँ और क्षेत्रवासियों ने दोहराया है कि वीडियो पूरी तरह संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे फर्जी पत्रकारों, ब्लैकमेलरों और अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की माँग की है।



