
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सराय इलाके से दूसरे संप्रदाय की एक नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ज्वालापुर कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आई। कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तलाश अभियान शुरू किया। इस अभियान में अंशुल अग्रवाल ने दिन-रात कड़ी मेहनत करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार क्षेत्रीय भ्रमण के आधार पर मामले की गहन जांच की। चौकी बाजार प्रभारी अंशुल अग्रवाल ने सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए जहां एक और दोनों समुदायों के बीच संवाद बनाए रखा,तो वहीं दूसरी ओर बालिका की तलाश में गैर प्रांत तक की खाक छान मारी।पुलिस की इस तत्परता से अफवाहों पर रोक लगी और माहौल बिगड़ने से बच गया।और निरंतर प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने लापता बालिका को सकुशल बरामद करते हुए अपहरण के आरोपी पांच हजार के ईनामी आलम उर्फ जावेद को गिरफ्तार कर लिया।
इस सफलता के बाद क्षेत्र में फैल रहे तनाव में उल्लेखनीय कमी आई और लोगों ने राहत की सांस ली। ज्वालापुर पुलिस खासतौर से चौकी बाजार प्रभारी अंशुल अग्रवाल की इस तत्परता और जिम्मेदार कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की। पूरे प्रकरण में पुलिस की पेशेवर दक्षता, मानवीय दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान दिया।कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में बालिका को सकुशल बरामद करने वाली अंशुल अग्रवाल की टीम की क्षेत्र वासियों ने भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया है।



