रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की कार में गोली मारकर हत्या, लिफ्ट वाला ‘अजनबी’ हो सकता है करीबी—कहानी पर गहराए शक

हरिद्वार। बहादराबाद क्षेत्र में शनिवार रात नहर पटरी मार्ग पर रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी भगवान सिंह (62) की कार में गोली मारकर हत्या के मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआत में इसे लिफ्ट देने के दौरान हुई घटना बताया गया था, लेकिन अब पुलिस की जांच कुछ और दिशा में बढ़ रही है—और यह दिशा सीधे परिवार के भीतर की ओर इशारा करती दिखाई दे रही है।
घटना तब हुई जब भगवान सिंह अपने बेटे यशपाल के साथ रोशनाबाद एक शादी समारोह के लिए जा रहे थे। जटवाड़ा पुल के पास एक युवक ने लिफ्ट ली और कार की पिछली सीट पर बैठ गया। रानीपुर झाल के पास पहुंचते ही उसी युवक ने तमंचा निकालकर भगवान सिंह की कनपटी पर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल भगवान सिंह को पहले निजी अस्पताल और फिर जॉलीग्रांट रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
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बेटे की कहानी में मिला ‘झोल’, लिफ्ट लेने वाला हो सकता है दोस्त
सूत्रों के प्राप्त जानकारी के अनुसार बेटे का बयान घटना से मेल नहीं खा रहा, हो सकता है कि लिफ्ट लेने वाले युवक से यशपाल अनजान न हो,घटना की टाइमलाइन में भी कई गड़बड़ियां मिली हैं,
—जिसके बाद पुलिस का शक अब परिवार के ही नज़दीकी दायरे में पहुंच गया है।—
संपत्ति का एंगल पुलिस की रडार पर
सूत्र बताते हैं कि भगवान सिंह की दो बेटियां शादीशुदा हैं और बेटा यशपाल उनके साथ रहता था। जांच टीम अब यह भी देख रही है कि क्या परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर मतभेद इस वारदात का कारण बन सकते हैं। पुलिस ने इस एंगल पर तकनीकी और फॉरेंसिक जांच को तेज कर दिया है।
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अधिकारी चुप, लेकिन जांच की दिशा स्पष्ट
पूरे मामले में बहादराबाद पुलिस आधिकारिक तौर पर किसी भी नतीजे की पुष्टि करने से इनकार किया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि “जांच बहुत अहम मोड़ पर है और जल्द ही पूरे मामले में खुलासा किया जा सकता है।
पूरी जांच जिस रफ्तार और दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि पुलिस अब अजनबी नहीं, घर के करीबियों पर ज्यादा ध्यान दे रही है—और इस वारदात का सच जल्द सामने आने की संभावना है।



