उत्तराखंड में होटल-ढाबों से लेकर अस्पतालों तक कमर्शियल गैस का कोटा तय, सरकार ने जारी की नई SOP

देहरादून: उत्तराखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आदेश जारी करते हुए विभिन्न व्यवसायों और सेवाओं के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का कोटा निर्धारित कर दिया है।

सरकार का कहना है कि राज्य में जारी शीतकालीन यात्रा और अगले महीने से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के कारण पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में गैस की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में गैस की कमी से पर्यटन और आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

दैनिक जरूरत का 20 प्रतिशत तक होगा वितरण
भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के तहत राज्य में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत तक कमर्शियल एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति और जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता तय की गई है।
किस क्षेत्र को कितने सिलेंडर मिलेंगे
श्रेणी
सिलेंडर
प्रतिशत
फार्मास्युटिकल (लाइफ सेविंग ड्रग)
190
7%
होटल और रिजॉर्ट
750
28%
रेस्टोरेंट और ढाबे
1000
37%
सरकारी गेस्ट हाउस
150
6%
डेयरी और फूड प्रोसेसिंग
130
5%
औद्योगिक कैंटीन
150
6%
पेइंग गेस्ट छात्र आवास
150
6%
होमस्टे और स्वयं सहायता समूह
130
5%
कुल आवंटन: 2650 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर
जिलों के अनुसार गैस वितरण का प्रतिशत
राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का आवंटन जिलों में मौजूद गैस कनेक्शनों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।
देहरादून – 31%
हरिद्वार – 13%
नैनीताल – 6%
ऊधम सिंह नगर – 4%
पौड़ी – 4%
रुद्रप्रयाग – 4%
चमोली – 4%
उत्तरकाशी – 5%
पिथौरागढ़ – 9%
बागेश्वर – 3%
अल्मोड़ा – 2%
चम्पावत – 2%
टिहरी – 3%
तीन तेल कंपनियां करेंगी आपूर्ति
राज्य में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से की जाएगी। इन कंपनियों को बाजार में अपनी हिस्सेदारी के अनुसार सिलेंडरों का वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस व्यवस्था की जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों को दें और निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी व्यवसायों को बिना बाधा संचालित रखने के लिए लागू की गई है, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान राज्य में गैस आपूर्ति की कोई समस्या न हो।



