अब हड्डी रोग विशेषज्ञ सुमंतु विरमानी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
हरिद्वार। सिटी हॉस्पिटल विवाद में नया मोड़ आ गया है अब दूसरे पक्ष की ओर से सुभाष चंद मेहता पुत्र श्री ज्ञान चंद मेहता ने डॉ सुमंतु विरमानी के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए ज्वालापुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली में तहरीर देते हुए मेहता ने बताया कि पिछले दिनों हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कर्मचारी श्रीचंद शर्मा का उपचार पूर्व में सिटी हॉस्पिटल, हरिद्वार में अभियुक्त डॉ. सुमंतु विरमानी द्वारा किया जा रहा था।आरोपी ने अपने निजी आर्थिक हित साधने के उद्द्देश्य से उक्त मरीज को छलपूर्वक सिटी हॉस्पिटल से हटाकर सुश्रुत पॉलिक्लिनिक ले गया जो पार्टनरशिप डीड के खिलाफ है। दिनांक 6 सितम्बर 25 को ऑपरेशन के दौरान श्रीचंद शर्मा की मृत्यु हो गई। इस प्रकरण के कुछ दिन बाद अभियुक्त डॉ. सुमंतु विरमानी ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए अपनी पत्नी, दो महिलाओं एवं तीन हथियारबंद गुंडों के साथ सिटी हॉस्पिटल में जबरन प्रवेश किया, कमरा नंबर-10 का ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा किया तथा अस्पताल के कर्मचारियों एवं साझेदारों को अपने बॉडीगार्ड से भयभित किया एवं डराया धमकाया गंभीर परिणाम भुगतने की एवं जान से मारने की धमकी दी। यह कि उक्त घटना के संबंध में उसी दिन 112 नंबर पर भी सूचना दी गई। यह कि श्रीचंद शर्मा की मृत्यु के पश्चात क्षेत्र में भारी जनाक्रोश उत्पन्न हुआ, जिसके दृष्टिगत हड्डी रोग विभाग (Orthopedic Wing) को बंद करना पड़ा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरिद्वार को विधिवत सूचना दी गई। अभियुक्त के आचरण, कार्यप्रणाली एवं चिकित्सकीय कदाचार को देखते हुए फर्म के अन्य सभी साझेदारों ने डॉ. सुमंतु विरमानी को चिकित्सक एवं साझेदार के पद से विधिपूर्वक हटा दिया। यह कि अभियुक्त तब से लेकर आज तक निरंतर अस्पताल के कमरा नंबर-10 पर अवैध कब्जा बता रहा है, हथियारबंद व्यक्तियो के माध्यम से भय का वातावरण उत्पन्न कर रहा है और अस्पताल के संचालन में बाधा डाल रहा है। अभियुक्त को वैधानिक नोटिस दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद वह आपराधिक गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है। यह कि अभियुक्त द्वारा फर्म एवं अस्पताल के संसाधनो का दुरुपयोग, मरीजों को निजी क्लिनिक में ले जाना, फर्जी एवं डुप्लीकेट बिल बनाना, जबरन कब्जा करना, हथियारबंद व्यक्तियों के साथ धमकी देना एवं भय उत्पन्न करना सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का परिणाम है, जिसका सबूत मैं दाखिल कर सकता हूँ।आरोप लगाते हुए बताया कि डॉक्टर सुमंतु विरमानी ने डीलर्स व अपनी फर्म ग्लोबल फार्म एंड सर्जिकल जो फर्म हमारी संस्था सिटी हॉस्पिटल में रजिस्टर्ड नहीं है, के इम्प्लेट के फर्जी कुतरचित दस्तावेज की छायापति तैयार कर हमारे हॉस्पिटल में भुगतान हेतु भेजी और जबरन कूटनीतिक तरीके से बिल पास करवाने का दबाव बनाया। हमारे द्वारा मना करने पर गाली गलोच कर व हॉस्पिटल पार्टनर्स एवं हॉस्पिटल कर्मचारियों एवं कार्यालय कर्मचारियों को धमकाया और फर्जी बिलो को पास करने का दबाव बनाया । श्रीचंद शर्मा प्रकरण के पश्चात सभी पार्टनर्स ने डॉक्टर सुमंतु विरमानी को चिकित्सक पद से हटा दिया था और हॉस्पिटल में रिसेप्शन पर डॉक्टर सुमन्तु विरमानी की ओ पी डी बनाने के लिए भी रिसेप्शन पर मना कर दिया गया था परन्तु डॉक्टर सुमंतु ने रिसेप्शन स्टाफ को धमकाया और अभद्र व्यवहार किया। मेहता की तहरीर पर ज्वालापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



