ज्वालापुर में रिकवरी एजेंटों की दबंगई! सड़क पर रोककर वाहन छीना, गाली-गलौच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हरिद्वार। हरिद्वार के कोतवाली ज्वालापुर थाना क्षेत्र से रिकवरी एजेंट द्वारा सरेआम सड़क पर वाहन रोककर जबरन छीन लेने और गाली-गलौच करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वाहन स्वामी के विरोध के बावजूद एजेंट दबाव बनाते हुए वाहन अपने कब्जे में ले रहा है।पीड़ित नईम पुत्र सुलेमान ने कोतवाली ज्वालापुर में आरोपी रिकवरी एजेंटों के खिलाफ तहरीर देकर पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि एजेंटों ने न सिर्फ जबरन वाहन छीना, बल्कि अभद्रता और धमकी भी दी।
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वायरल वीडियो👆
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले:
यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों से रिकवरी एजेंटों की दबंगई और जबरन वसूली के कई वीडियो और शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कई मामलों में एजेंटों द्वारा सड़क पर रोककर वाहन छीनने, धमकाने और अभद्रता करने की घटनाएं उजागर हुई हैं, जिस पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
कानूनी नजरिए से देखें तो Supreme Court of India पहले ही ऐसे मामलों पर सख्त टिप्पणी कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि बैंक या फाइनेंस कंपनियां रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी या बल प्रयोग नहीं कर सकतीं।
विशेष रूप से ICICI Bank vs Prakash Kaur मामले में कोर्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि रिकवरी एजेंटों द्वारा जबरन वाहन छीनना, धमकाना या अपमानजनक व्यवहार करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।
इसके बावजूद ज्वालापुर में सामने आया यह मामला कोर्ट के निर्देशों की खुली अवहेलना माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि स्थानीय पुलिस इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित एजेंट और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।
फिलहाल, यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर कब तक रिकवरी के नाम पर आम जनता के साथ इस तरह की दबंगई जारी रहेगी।



