मुख्यमंत्री आवास में भव्य रूप से मनाया गया इगास पर्व
राज्यपाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं, कहा – “इगास हमारी सांस्कृतिक अस्मिता और लोक आस्था का प्रतीक”

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में आज पारंपरिक आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव के साथ इगास पर्व का भव्य आयोजन हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि “इगास हमारी सांस्कृतिक अस्मिता, लोक आस्था और सामूहिक भावना का प्रतीक है।”

इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने हारुल, झूमेलो, चांचरी, थड़िया और जागर जैसे लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। मुख्यमंत्री धामी ने भी कलाकारों के बीच पहुंचकर प्रस्तुतियों का आनंद लिया और सभी को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार लोक परंपराओं को संरक्षित करने, लोक कलाकारों के उत्थान और “कल्चर बेस्ड रोजगार” को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि “इगास केवल पर्व नहीं, बल्कि हमारी सामूहिकता, प्रकृति के प्रति आभार और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखण्डियों से अपील की कि वे भी अपने गांवों में लौटकर पारंपरिक पर्व मनाएं और अपनी जड़ों से जुड़े रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प “तीसरा दशक उत्तराखण्ड का” को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक राज्य के समग्र विकास, रोजगार, पर्यटन और युवा सशक्तिकरण का होगा।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव सहित कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



