हरिद्वार। देश के कई राज्यों में एसआईआर का कार्य पूरा हो चुका है। उत्तराखंड राज्य में अभी एसआईआर की घोषणा नहीं हुई है लेकिन उत्तराखंड में भी राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा प्री एसआईआर का कार्य चल रहा है।जिसमें आम जनमानस द्वारा अपनी डिटेल्स नहीं दिए जाने के कारण बीएलओ एवं सुपरवाइजर तनाव की स्थिति में हैं। सूत्र बताते हैं कि एक सुपरवाइजर तो आत्महत्या की धमकी तक दे चुके हैं।
गौरतलब है कि जिन जिन राज्यों में एसआईआर का काम चल रहा है या हो चुका वहां बीएलओ द्वारा अत्यधिक काम के चलते तनाव की शिकायत की जा रही हैं। गाहे बगाहे सोशल मीडिया पर बीएलओ द्वारा आत्महत्या की खबरें भी प्रसारित हो रही हैं। उत्तराखंड राज्य में प्री एसआईआर के चलते इस काम में लगा अमला अभी से तनाव में है जबकि राज्य में एसआईआर की विधिवत घोषणा नहीं हुई। यद्यपि चुनाव आयुक्त अब तक की प्रगति से संतुष्ट हैं तथा उनका कहना है कि प्रदेश में प्री एसआईआर के तहत लगभग 65 प्रतिशत मैपिंग की जा चुकी है जिसके चलते एसआईआर के समय काफी मदद मिलेगी। वहीं दूसरी ओर कुछ जनपदों से बीएलओ द्वारा काम के तनाव की शिकायतें मिल रही हैं। वहीं दूसरी ओर जनपद हरिद्वार के एक सुपरवाइजर द्वारा निर्वाचन कार्यालय को तनाव के चलते आत्महत्या तक कर लेने संबंधी बात कही गई। सूत्र बताते हैं कि सुपरवाइजर ने हालांकि बाद में क्षमा मांग ली पर यह सच है कि एसआईआर के काम में आम जनमानस द्वारा अपेक्षित सहयोग न करने का सारा दबाव बीएलओ पर आ रहा है। कार्य की अपेक्षित प्रगति के अभाव में निर्वाचन अधिकारी भी अपने अधीनस्थों पर दबाव बना रहे हैं। गौरतलब है कि जिन क्षेत्रों में बीएलओ या सुपरवाइजर शिक्षक हैं उनके कार्य में संलग्न रहने से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में दोहरी जिम्मेदारी के कारण तनाव पैदा हो रहा है।



