मुकदमा : एक माह से रहस्यमयी तरीके से परिवार गायब…और इसी बीच खुला करोड़ों का हाउसिंग स्कैम

देहरादून। मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिलाक्स हाउसिंग प्रोजेक्ट में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। निवेशकों और बैंकों के करोड़ों रुपये डकारने के बाद बिल्डर शाश्वत गर्ग अपनी पत्नी, पिता, मां और बेटे के साथ 17 अक्टूबर से लापता है। प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जीवाड़े को लेकर अंतरिम सोसाइटी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विवेक राज ने राजपुर थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
एक फ्लैट, कई खरीदार — बैंकों से भी उठाया लोन
शिकायत के अनुसार बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसके परिवार ने एक ही फ्लैट को कई निवेशकों को बेचकर करोड़ों रुपये वसूले। इतना ही नहीं, जाली हस्ताक्षर और फर्जी अलॉटमेंट व सेल एग्रीमेंट तैयार कर बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से भारी-भरकम लोन भी लिया गया।
मार्च 2014 से बुना गया फर्जीवाड़े का जाल
प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत मार्च 2014 में हुई, जब शाश्वत के ताऊ अतुल गर्ग, गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर मसूरी रोड पर 7296 वर्ग गज जमीन के करार में आए। इसके बाद 2015 से 2017 के बीच परिवार के भीतर पावर ऑफ अटॉर्नी बांटकर प्रोजेक्ट का पूरा नियंत्रण शाश्वत, उसके पिता प्रवीण गर्ग और मां अंजली गर्ग के हाथों में दे दिया गया।
एमडीडीए को दस्तावेज़ नहीं दिए, रेरा ने रोक दी रजिस्ट्री
पीड़ित पक्ष का कहना है कि डेवलपर्स ने एमडीडीए को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध ही नहीं कराए, जिस कारण रेरा ने प्रोजेक्ट में फ्लैट रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। उसी दौरान बिल्डरों ने सेना के कई अधिकारियों सहित अन्य खरीदारों को बड़े पैमाने पर ठगा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक लोन उठाया।
मालिकाना छिपाया, करोड़ों का लोन लिया
जांच में सामने आया है कि जिस गोल्डन एरा इंफ्राटेक के नाम पर पूरा खेल खेला गया, उसके वास्तविक मालिक अतुल गर्ग हैं—लेकिन पावर ऑफ अटॉर्नी देने के दौरान इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया। बाद में प्रोजेक्ट आर्केडिया हिलाक्स के नाम से रेरा में पंजीकृत किया गया और बड़े स्तर पर निवेश जुटाया गया, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
हापुड़ में शिकायत, देहरादून में मुकदमा
16 अक्टूबर को शाश्वत गर्ग अपने परिवार सहित हापुड़ स्थित ससुराल गया था। 17 अक्टूबर की दोपहर वह दो कारों में सवार होकर देहरादून के लिए निकला, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। इस संबंध में शाश्वत के साले ने हापुड़ कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
अब देहरादून पुलिस ने निवेशकों की शिकायत पर बड़ा केस दर्ज किया है।
इनके खिलाफ मामला दर्ज
शाश्वत गर्ग
साक्षी गर्ग (पत्नी)
प्रवीण गर्ग (पिता)
अंजली गर्ग (मां)
अतुल गर्ग (ताऊ, राजनगर गाजियाबाद)
सुलभ गोयल और कुशल गोयल (साले, हापुड़ निवासी)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया राजपुर शाखा के अधिकारी/कर्मचारी
पिरामल दिवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के अधिकारी/कर्मचारी



