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कोतवाली की दहलीज पर पहुंचा सिटी हॉस्पिटल का विवाद, डॉ विरमानी की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
| हरिद्वार।नगर के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डॉ सुमंतु विरमानी ने सिटी हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए ज्वालापुर कोतवाली में तहरीर सौंपकर मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली में तहरीर देते हुए डॉ विरमानी ने बताया कि वह वर्ष 2000 से मैसर्स हरिद्वार लैंड एंड फाइनेंसर्स (सिटी हॉस्पिटल) का विधिवत साझेदार (5% हिस्सा) हूँ। प्रार्थी हड्डी रोग विशेषज्ञ है और जून 2025 से सिटी हॉस्पिटल में कार्यरत है। प्रार्थी भर्ती किए गए मरीजों के सभी ऑपरेशन सिटी हॉस्पिटल में करता रहा है। उक्त फर्म के मुख्य प्रबंधक श्री शिव कुमार कपूर, जो कई वर्षों से फर्म का संचालन कर रहे हैं, ने अन्य के साथ मिलकर प्राथी के साथ छल एवं धोखाधड़ी की है। श्री शिव कुमार कपूर द्वारा सिटी हॉस्पिटल के संबंध में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए, जिनमें अस्पताल के नक्शे, अग्निशमन अनापति प्रमाणपत्र तथा अन्य विभागीय दस्तावेज शामिल हैं। इन फर्जी कागजातों के आधार पर अस्पताल परिसर के अतिरिक्त अवैध निर्माण किया गया तथा नए चिकित्सा उपकरण स्थापित कर विभिन्न प्रकार की रेडियोलॉजी एवं स्कैनिंग सेवाओं से अनुचित रूप से आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता रहा। इन कार्यों हेतु फर्म की संपत्ति के कागजात गिरवी रखकर बैंक से ऋण लिया गया, जिसकी न तो प्रार्थी को कोई जानकारी दी गई और न ही प्रार्थी की अनुमति ली गई। इसके अतिरिक्त, श्री शिव कुमार कपूर ने अपने एवं अपनी धर्मपत्नी के नाम पर अस्पताल से सटे हुए पहले से निर्मित निजी भवन को सिटी हॉस्पिटल को ही किराये पर दे दिया तथा उस किराये की राशि अपने एवं अपनी धर्मपत्नी के नाम से प्राप्त करते रहे, जिससे साझेदारी फर्म को आर्थिक हानि हुई और उन्होंने स्वयं को अनुचित लाभ पहुँचाया। उक्त फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिटी हॉस्पिटल को लगभग वर्ष 2021-2022 में उत्तराखंड स्टेट हेल्थ अथॉरिटी से PM-JAY आयुष्मान भारत योजना तथा अन्य बीमा कंपनियों में एम्पैनलमेंट कराया गया, जिसके माध्यम से फर्म को धन लाभ हुआ। दिनांक 13/12/2025 को मुझे ज्ञात हुआ कि अस्पताल, जो पूर्णतया नियमों के विरुद्ध निर्मित व संचालित है, के संबंध में उपरोक्त दस्तावेज जालसाजी से तैयार कर आयुष्मान एवं अन्य इंश्योरेंस एम्पैनलमेंट संबंधित विभागों से बिना पूर्ण जानकारी दिए प्राप्त किए गए हैं। दिनांक 01/08/2025 को उत्तराखंड आवास विकास प्राधिकरण द्वारा संबंधित विभागों को सूचित कर सिटी हॉस्पिटल के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश को अमल में लाने की कार्यवाही की माँग की गई है, जिससे मुझे, एक 5% साझेदार होने के नाते, गंभीर आर्थिक हानि हुई है। मुझे इन सभी तथ्यों से अंधकार में रखकर तथा मुझसे फर्म एवं हॉस्पिटल में निवेश करवा कर श्री शिव कुमार कपूर द्वारा अपने एवं अपने परिवार के हित में फर्म की धनराशि का दुरुपयोग (misappropriation of funds) किया गया है। उपरोक्त के अतिरिक्त, दिनांक 19/12/2025 को दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला में सिटी हॉस्पिटल द्वारा ऑर्थोपेडिक सर्जन से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित कराया गया, जबकि प्रार्थी को साझेदारी विलेख के अंतर्गत 5 वर्षों की अवधि हेतु ऑर्थोपेडिक सर्जन के रूप में नियुक्ति का आश्वासन एवं प्रतिबद्धता श्री शिव कुमार कपूर एवं अन्य साझेदारों द्वारा दी गई थी। इसके बावजूद, श्री शिव कुमार कपूर एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा प्रार्थी की ऑर्थोपेडिक सेवाओं को अवैध रूप से रोका गया तथा झूठे एवं भ्रामक बैनर लगाकर ऑर्थोपेडिक मरीजों को सिटी हॉस्पिटल से अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जनों की ओर गुमराह किया गया। इस प्रकार ऑर्थोपेडिक सेवाओं को जानबूझकर बाधित कर प्रार्थी को निरंतर आर्थिक क्षति पहुँचाई जा रही है। उपरोक्त के अतिरिक्त, सिटी हॉस्पिटल, सुपर कॉम्प्लेक्स, हरिद्वार के ऑपरेशन थिएटर परिसर से मेरे निजी स्वामित्व वाले महंगे सर्जिकल उपकरण, मशीनरी एवं इम्प्लांट- जो डॉ. सुमन्तु विरमानी तथा सुश्रुत पॉलीक्लिनिक के थे, चोरी कर लिए गए हैं। इन उपकरणों की अनुमानित कीमत कम से कम 15-20 लाख (पन्द्रह से बीस लाख रुपये) है। इन मूल्यवान उपकरणों को श्री एस. के. कपूर एवं उनके सहयोगियों द्वारा आपसी मिलीभगत, षड्यंत्र एवं अवैध मंशा से अस्पताल परिसर से हटाकर किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। यह कृत्य पूर्णतः गैरकानूनी है तथा अस्पताल एवं मेरे निजी चिकित्सा कार्य हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरणों की गंभीर क्षति है, जिससे मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रार्थी ने जब शिव कुमार कपूर आदि से बात कर इन सब के बारे में पूछा तो प्रार्थी के साथ दुर्व्यवहार कर तथा माँ-बहन की गंदी गालियों देते हुए प्रार्थी को सिटी हॉस्पिटल में न घुसने तथा जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उपरोक्त समस्त कृत्यों से मेरे साथ गंभीर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, कूटरचना, अवैध निर्माण, धन के दुरुपयोग तथा चोरी जैसे अपराध घटित हुए हैं, जिससे मुझे भारी आर्थिक एवं पेशेवर क्षति पहुँची है। कोतवाली ज्वालापुर में दिए गए प्रार्थना पत्र में सुमंतु विरमानी ने कहा कि- शिव कुमार कपूर एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक विश्वासघात, अवैध निर्माण, धन के दुरुपयोग तथा सर्जिकल उपकरण/ इम्प्लांट की चोरी एवं अवैध स्थानांतरण से संबंधित आपराधिक प्रकरण पंजीकृत किया जाए तथा चोरी किए गए सर्जिकल उपकरणों इम्प्लांट (अनुमानित मूल्य ₹15-20 लाख) की शीघ्र तलाश कर बरामदगी कराई जाए । डॉ विरमानी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। |



