दून में 14 दिन में 4 हत्याएं: मशीनरी के ओवरहॉलिंग की चर्चा तेज, मुख्यमंत्री सख्त — आईजी गढ़वाल मैदान में

देहरादून। राजधानी दून में 14 दिनों के भीतर चार सनसनीखेज हत्याओं ने कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासनगर से ऋषिकेश और पलटन बाजार से डालनवाला–तिब्बती मार्केट तक हुई इन वारदातों के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च स्तरीय बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए, वहीं पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गढ़वाल राजीव स्वरूप स्वयं मैदान में उतर आए हैं।
14 दिन में 4 बड़ी वारदातें
29 जनवरी: विकासनगर में मनीषा तोमर की हत्या
विकासनगर के ढालीपुर क्षेत्र में 18 वर्षीय छात्रा मनीषा तोमर की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। शव मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद का एंगल सामने आया।
31 जनवरी: ऋषिकेश में प्रीति रावत को गोली
ऋषिकेश के शिवाजी नगर में 32 वर्षीय प्रीति रावत की उनके किराए के मकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जांच में निजी संबंधों और आपसी विवाद की बात सामने आई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
2 फरवरी: पलटन/मच्छी बाजार में गुंजन श्रीवास्तव की गला रेतकर हत्या
शहर के व्यस्त पलटन बाजार में 23 वर्षीय गुंजन श्रीवास्तव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई का दावा किया।
11 फरवरी: डालनवाला–तिब्बती मार्केट के पास गोलीकांड
थाना डालनवाला क्षेत्र में तिब्बती मार्केट के पास 40 वर्षीय अर्जुन शर्मा को स्कूटी सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दी। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में संपत्ति और पारिवारिक विवाद का एंगल सामने आया है।
मुख्यमंत्री की हाईलेवल बैठक

चारों घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी अपराधों में तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदतन और संगठित अपराध में शामिल तत्वों की पहचान कर सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और शहरी इलाकों में विशेष सुरक्षा अभियान चलाए जाएं। “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” सरकार का संकल्प है और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी , सचिव गृह, एडीजीपी ( लॉ एंड आर्डर), गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस मशीनरी के “ओवरहॉलिंग” की चर्चा
लगातार चार हत्याओं के बाद राजधानी में पुलिस व्यवस्था की समीक्षा और संभावित फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, राजधानी सहित प्रदेश के अन्य बड़े जिलों में भी बड़े फेरबदल की चर्चा बड़े लेवल पर चल रही है जिसका परिणाम जल्द की देखने को मिल सकता है।
आईजी गढ़वाल पहुंचे घटनास्थल
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने 11 फरवरी को डालनवाला गोलीकांड के घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों की समीक्षा करते हुए एसएसपी देहरादून को विशेष टीमों का गठन कर शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आईजी ने कहा कि आरोपियों की पहचान कर सर्विलांस, तकनीकी संसाधनों और विधिक प्रावधानों का प्रभावी उपयोग किया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने को भी कहा गया।
क्षेत्राधिकारियों की बैठक, सख्त चेतावनी

परिक्षेत्रीय कार्यालय में जनपद देहरादून के सभी क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ बैठक कर हालिया आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्य निर्देश:
नियमित एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाए जाएं।
संवेदनशील व विवादित मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग मजबूत की जाए, अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई हो।
भूमि विवाद, आपसी रंजिश जैसे मामलों में समय रहते निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।
किसी क्षेत्र में ऐसी घटना दोहराने पर संबंधित थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी के साथ क्षेत्राधिकारी की भी जवाबदेही तय होगी।
जनता में बढ़ा दबाव, पुलिस के सामने चुनौती
लगातार चार हत्याओं से राजधानी में भय का माहौल है। तीन महिलाओं और एक पुरुष की हत्या ने आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री की सख्ती और आईजी की सक्रियता के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आरोपियों की गिरफ्तारी कितनी शीघ्र होती है और कानून व्यवस्था पर उठे सवालों का जवाब प्रशासन किस तरह देता है।
दून की सुरक्षा और शांति बहाल करना अब सरकार और पुलिस के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।



