दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: एक मोबाइल, दो दरिंदे और एक दिव्यांग की मौत, पांवधोई का अयान गिरफ्तार बिलाल फरार

हरिद्वार। एक मोबाइल फोन की कीमत एक दिव्यांग की जान से ज्यादा हो गई। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने ऐसे खौफनाक हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। दो युवकों ने मिलकर एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक को पहले मोबाइल लूट का शिकार बनाया, फिर शिकायत करने की हिमाकत करने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
मामला तब सामने आया जब विष्णुलोक कॉलोनी रानीपुर निवासी रामआसरे पुत्र नाथूराम ने अपने 38 वर्षीय दिव्यांग बेटे मनीष की गुमशुदगी दर्ज कराई। मनीष रोज़ की तरह ई-रिक्शा चलाकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मनीष का मोबाइल अयान उर्फ सुन्नत, निवासी पांवधोई मोहल्ला ज्वालापुर, के हाथ लग चुका था। पुलिस ने बीएचईएल स्टेडियम के पास से अयान को दबोच लिया। तलाशी में मृतक का मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसके बाद आरोपी टूट गया।
पूछताछ में अयान ने बताया कि उसने कॉल करने के बहाने मनीष से मोबाइल लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर सिम तोड़ दी। जब मनीष आरोपी के घर पहुंचा और मोबाइल वापस मांगते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो यहीं से उसकी मौत की स्क्रिप्ट लिख दी गई।
अयान ने हाल ही में जेल से छूटे अपने साथी बिलाल के साथ मिलकर मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। शराब पिलाने के बहाने उसे बीएचईएल क्षेत्र की झाड़ियों में बुलाया गया। वहां विवाद बढ़ा तो बिलाल ने मनीष को जकड़ लिया और अयान ने बेरहमी से उसका गला दबाकर जान ले ली।
हत्या के बाद भी दरिंदगी खत्म नहीं हुई। दोनों आरोपियों ने शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरा और सुपरवाइजर हॉस्टल के पास झाड़ियों में फेंक दिया। ई-रिक्शा को लावारिस हालत में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
आरोपी अयान उर्फ सुन्नत की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। पुलिस ने अयान को गिरफ्तार कर हत्या का चालान किया है, जबकि फरार आरोपी बिलाल की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।



