खुलासा: तो वक्फ कब्रिस्तान की प्रबंध समिति को बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश
हरिद्वार। पिछले दिनों सुभाष नगर कब्रिस्तान में रसीद देने के नाम पर पैसे मांगने जैसे आरोप लगाकर वायरल किए गए वीडियो के मामले में अब साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रारंभ से ही शहर की जागरूक जनता द्वारा इस वीडियो और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
दस्तक न्यूज़ के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार कुछ व्यक्तियों द्वारा सुनियोजित तरीके से सराय में रह रहे एक व्यक्ति का वीडियो बनाकर रसीद के नाम पर पैसे मांगने जैसे आरोप लगाए गए और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। दस्तक की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला सुभाष नगर कब्रिस्तान की वर्तमान प्रबंध समिति को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा था।
दस्तक को मिले तथ्यों के अनुसार इस पूरे षड्यंत्र में लक्सर निवासी एक कथित पत्रकार तथा मगलौर के टांडा निवासी एक कथित कारपेंटर, जो स्वयं को पत्रकार के रूप में स्थापित करने का असफल प्रयास कर रहा है, की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले उपजिलाधिकारी एवं उत्तराखंड वक्फ बोर्ड को एक झूठी शिकायत भेजी गई, जिसके बाद एक नई कमेटी गठित कर उसे वक्फ बोर्ड में प्रस्तुत किया गया, जिसमें दोनों कथित साजिशकर्ताओं सहित कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड बताए जा रहे लक्सर निवासी कथित पत्रकार पर वसूली जैसे गंभीर आरोप पहले से भी लगे हुए हैं, वहीं कथित कारपेंटर के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
अब इस पूरे मामले में सच्चाई सामने आने के बाद वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं पूरे प्रकरण को सोची-समझी साजिश करार दिया जा रहा है।



